तमिलनाडु का ऐतिहासिक पंबन रेल पुल - समंदर की छाती पर 111 साल से खड़ा शौर्य की कहानी!

  तमिलनाडु का ऐतिहासिक पंबन रेल पुल - समंदर की छाती पर 111 साल से खड़ा शौर्य की कहानी!


ये है तमिलनाडु का ऐतिहासिक पंबन रेल पुल - समंदर की लहरों पर दौड़ती ट्रेन की कहानी


Pamban railway bridge

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जैसा कि आप इस वायरल तस्वीर में देख रहे हैं, समंदर के बीचों-बीच एक लंबा पुल और उस पर चलती ट्रेन। ये कोई AI फोटो नहीं है, ये है भारत के सबसे खतरनाक और सबसे खूबसूरत रेलवे पुल की सच्ची कहानी। आइए जानते हैं पंबन पुल की वो रोंगटे खड़ी कर देने वाली हकीकत।

"मैं हूँ तमिलनाडु का ऐतिहासिक पंबन रेल पुल! हिंद महासागर की उफनती और जानलेवा लहरों के ठीक ऊपर से ट्रेनों को गुजारना मेरा भूगोल है। चक्रवातों और खारे पानी की भीषण मार को झेलकर, समंदर की छाती पर फौलाद की तरह डटे रहना ही मेरा असली शौर्य है!"

पंबन पुल क्या है? भारत का पहला समुद्री पुल

पंबन पुल तमिलनाडु में स्थित है। यह मंडपम (मुख्य भूमि) को पंबन द्वीप पर स्थित रामेश्वरम शहर से जोड़ता है। यह पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait) पर बना हुआ है। 144d

  • लंबाई: 2,065 मीटर (2.06 KM) यानी लगभग 2 किलोमीटर

  • कुल पिलर: 144 पिलर

  • बनना शुरू: अगस्त 1911 में

  • खुला: 24 फरवरी 1914 को

यह भारत का पहला समुद्री पुल था और 2010 में बांद्रा-वर्ली सी-लिंक बनने तक भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल यही था। 2729

पंबन पुल की 5 सबसे बड़ी खासियत जो दुनिया को हैरान करती है:

1. समंदर पर झूलता पुल: ये पुल कंक्रीट के पिलरों पर टिका है, लेकिन बीच में इसका एक हिस्सा ऊपर उठ जाता है ताकि नीचे से बड़े-बड़े जहाज और नाव निकल सकें। जर्मन इंजीनियर Scherzer ने इसे डिजाइन किया था।

2. 1964 के भयंकर चक्रवात को भी झेला: 1964 में एक बहुत बड़े तूफान ने धनुषकोडी शहर को पूरी तरह तबाह कर दिया था, लेकिन पंबन पुल तब भी टिका रहा। यह इसकी मजबूती का सबसे बड़ा सबूत है। 




3. 100 साल तक एक ही सहारा: 1988 तक रामेश्वरम जाने के लिए यही एकमात्र रास्ता था। सड़क पुल तो 1988 में बना, उससे पहले सब लोग इसी रेल पुल से जाते थे। 2729

4. 600 मजदूरों ने बनाया सिर्फ 20 लाख में: 1911-1914 में इस पुल को बनाने में 600 मजदूर लगे थे और कुल खर्च सिर्फ 20 लाख रुपये आया था, और सबसे बड़ी बात - एक भी मजदूर की जान नहीं गई।

5. नया पंबन पुल - भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट पुल: पुराना पुल अब बंद हो गया है (दिसंबर 2022 से) क्योंकि खारे पानी से उसमें जंग लग गई थी। अब उसके बगल में नया पुल बना है जो भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे पुल है। यह 3 मीटर ऊंचा है और इसका 72.5 मीटर का हिस्सा 17 मीटर तक ऊपर उठ जाता है ताकि जहाज निकल सकें। 144d

ट्रेन का सफर - जिंदगी में एक बार जरूर करें

अगर आप कभी रामेश्वरम जाएं, तो चेन्नई से रामेश्वरम जाने वाली ट्रेन में जरूर बैठें। जब ट्रेन समंदर के ऊपर से गुजरती है, तो दोनों तरफ सिर्फ नीला पानी दिखता है। ऐसा लगता है जैसे ट्रेन पानी पर ही चल रही हो। ये नजारा आप जिंदगी भर नहीं भूलेंगे।

यह रास्ता हिंदुओं के लिए भी बहुत पवित्र है, क्योंकि यहीं पास में राम सेतु (Adam's Bridge) है, जिसे भगवान राम की सेना ने बनाया था।

निष्कर्ष:

पंबन पुल सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि भारतीय इंजीनियरिंग का 111 साल पुराना अजूबा है। इसीलिए इसे यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल करने की भी कोशिश हो रही है।

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Image Credit: Knowledge Adda / AI GeneratedTags: Pamban Bridge, Rameswaram, Tamil Nadu Tourism, Indian Railways, Pamban Rail Bridge History in Hindi, India's First Sea Bridge










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