राजस्व विभाग में प्रचलित प्रमुख शब्दों

जय हिन्द साथियों! तहसील और राजस्व विभाग के कागजों में बहुत से उर्दू और फारसी शब्द लिखे होते हैं, जिनका मतलब आज के किसान और छात्र नहीं समझ पाते। आज हम राजस्व विभाग में प्रचलित 47 प्रमुख शब्दों का अर्थ आसान भाषा में समझेंगे।

इस पोस्ट को आप Save कर लो या Screenshot ले लो, पटवारी, लेखपाल और किसान सभी के काम आएगा।

1 से 25 तक - बेसिक राजस्व शब्दावली

1. रकबा :- रकबा का मतलब होता है क्षेत्रफल। किसी भी खेत या गाटे का कुल एरिया कितना है, जैसे - हेक्टेयर, बीघा या बिस्वा में, उसी को रकबा कहते हैं।

2. खसरा :- खसरा का मतलब है भूमि क्रमांक। हर खेत को सरकार की तरफ से एक नंबर दिया जाता है, जैसे गाटा संख्या 15, उसी को खसरा नंबर कहते हैं।

3. पांचसाला :- पिछले पांच सालों के खसरे का रिकॉर्ड। इसमें देखा जाता है कि पिछले 5 साल में इस खेत में कौन सी फसल बोई गई थी।

4. चांदा :- दो खेतों या दो गांवों के बीच बनाई गई सीमा का निशान। इसे ही सीमा चिन्ह या बॉर्डर कहते हैं।

5. मुनारा :- जमीन की पैमाइश (सर्वे) के लिए गाड़ा गया पक्का खंभा या पत्थर। इसी से जमीन की सही नाप होती है।

6. उपकर :- मुख्य लगान के ऊपर लिया जाने वाला अतिरिक्त टैक्स। पहले जमींदारी में मुख्य कर के साथ उपकर भी लिया जाता था।

7. मौसूली :- सरकार द्वारा किसान से वसूली प्राप्त करना। जैसे लगान या जुर्माने की वसूली हो जाना।

8. नस्ती :- किसी रिकॉर्ड या फाइल का खातमा हो जाना, यानी उसका नष्ट हो जाना या खत्म हो जाना।

9. अलामत :- खेत के नक्शे पर बने छोटे-छोटे निशान, जैसे पेड़, कुआं, नाली आदि दिखाने के लिए।

10. मसाहती ग्राम :- ऐसा गांव जिसकी बाहरी सीमा का सर्वे नहीं हुआ हो और जिसका रकबा तय न हो।

11. मौजान :- मौजान का मतलब होता है कुल योग। सभी गाटों का कुल रकबा जोड़ना।

12. सकूनत :- निवास स्थान। किसी व्यक्ति का स्थाई पता या रहने की जगह।

13. वाजिब-उल-अर्ज :- गांव की एक महत्वपूर्ण किताब जिसमें लिखा होता है कि गांव की निजी जमीन में कौन से रास्ते, तालाब, श्मशान जैसे सार्वजनिक उपयोग हैं।

14. गिरदावरी :- पटवारी या लेखपाल द्वारा खेत पर जाकर फसल का निरीक्षण करना और उसे खसरे में दर्ज करना।

15. तितम्मा मिलान :- गांव में कुल हल, बैल और कृषि यंत्रों की गिनती करना, ताकि खेती की स्थिति पता चले।

16. गौशवारा :- पूरे गांव के खसरों का महायोग या टोटल सार।

17. रूह अलामत :- गांव की परम्परागत और पुर







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