उत्तर प्रदेश में जमीन से जुड़ी किसी भी जानकारी—जैसे नाम, खाता संख्या, गाटा संख्या, क्षेत्रफल या नामांतरण—को समझने के लिए खतौनी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। लेकिन अक्सर लोगों को “फसली वर्ष” (Fasli Year) समझने में कठिनाई होती है।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि खतौनी में फसली वर्ष कैसे देखें, इसका महत्व क्या है, और अंग्रेजी वर्ष (सन) से फसली वर्ष कैसे निकालें।
फसली वर्ष क्या होता है?
फसली वर्ष कृषि आधारित राजस्व वर्ष होता है, जिसका उपयोग भूमि अभिलेखों में किया जाता है। यह सामान्य जनवरी–दिसंबर कैलेंडर से अलग होता है।
उत्तर प्रदेश में फसली वर्ष आमतौर पर 1 जुलाई से 30 जून तक माना जाता है।
खतौनी क्या है?
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के अंतर्गत भूमि अभिलेखों का रख-रखाव किया जाता है।
खतौनी में निम्न जानकारी दर्ज होती है:
खातेदार का नाम
पिता/पति का नाम
गाटा संख्या
भूमि का क्षेत्रफल
भूमि की किस्म
फसली वर्ष
खतौनी में दर्ज फसली वर्ष यह दर्शाता है कि रिकॉर्ड किस कृषि वर्ष का है।
ऑनलाइन खतौनी में फसली वर्ष कैसे देखें?
आजकल आप घर बैठे ऑनलाइन खतौनी देख सकते हैं।
1️⃣ आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ
Bhulekh Uttar Pradesh
2️⃣ “खतौनी (अधिकार अभिलेख)” विकल्प चुनें
3️⃣ जिला, तहसील और ग्राम चुनें
4️⃣ गाटा संख्या / खाता संख्या / नाम से खोजें
5️⃣ कैप्चा भरकर विवरण देखें
खतौनी खुलने पर ऊपर की ओर “फसली वर्ष” लिखा रहता है।
ऑफलाइन फसली वर्ष कैसे पता करें?
यदि ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध न हो तो:
ग्राम पंचायत
लेखपाल
तहसील कार्यालय
से खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त कर सकते हैं। वहाँ भी फसली वर्ष स्पष्ट रूप से दर्ज रहता है।
🔢 अंग्रेजी वर्ष (सन) से फसली वर्ष कैसे निकालें?
यह आपके पाठकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण भाग है।
उत्तर प्रदेश में फसली वर्ष निकालने का सरल गणितीय तरीका यह है:
📌 नियम
✔ यदि आप जुलाई से दिसंबर के बीच का फसली वर्ष निकाल रहे हैं,
👉 तो अंग्रेजी वर्ष (सन) में से 592 घटाएँ
✔ यदि आप जनवरी से जून के बीच का फसली वर्ष निकाल रहे हैं,
👉 तो अंग्रेजी वर्ष (सन) में से 593 घटाएँ
उदाहरण से समझें
उदाहरण 1️⃣
यदि तिथि अक्टूबर 2025 है
अक्टूबर जुलाई–दिसंबर के बीच आता है।
तो गणना होगी:
2025 – 592 = 1433 फसली वर्ष
उदाहरण 2️⃣ (आपके द्वारा दिया गया)
यदि तिथि फरवरी 2026 है
फरवरी जनवरी–जून के बीच आता है।
तो गणना होगी:
2026 – 593 = 1433 फसली वर्ष
👉 इस प्रकार फरवरी 2026 का फसली वर्ष 1433 होगा।
फसली वर्ष और ईस्वी वर्ष तालिका (सहज समझ)
अंग्रेजी वर्ष
महीना
घटाने वाला अंक
फसली वर्ष
2025
अगस्त
592
1433
2026
फरवरी
593
1433
2026
सितंबर
592
1434
फसली वर्ष जानना क्यों आवश्यक है?
✔ जमीन विवाद के मामलों में
✔ नामांतरण (Mutation) के समय
✔ बैंक लोन के लिए
✔ सरकारी योजनाओं में आवेदन करते समय
✔ कोर्ट में दस्तावेज़ प्रस्तुत करते समय
यदि खतौनी पुराने फसली वर्ष की है, तो अपडेट कराना आवश्यक हो सकता है।
फसली वर्ष अपडेट कब होता है?
जब जमीन में कोई परिवर्तन होता है, जैसे:
बैनामा
विरासत
बंटवारा
नाम संशोधन
तो नया रिकॉर्ड अगले फसली वर्ष में दर्ज किया जाता है।
महत्वपूर्ण सुझाव
✔ जमीन खरीदने से पहले नवीनतम फसली वर्ष अवश्य जांचें
✔ ऑनलाइन रिकॉर्ड केवल जानकारी के लिए होता है
✔ प्रमाणित प्रति तहसील से लें
✔ गणना करते समय महीना अवश्य देखें
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में खतौनी में दर्ज फसली वर्ष भूमि रिकॉर्ड की समयावधि दर्शाता है।
आप इसे ऑनलाइन पोर्टल से देख सकते हैं या लेखपाल/तहसील से प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, अब आप अंग्रेजी वर्ष से फसली वर्ष निकालने का आसान तरीका भी जान चुके हैं:
जुलाई–दिसंबर → सन में से 592 घटाएँ
जनवरी–जून → सन में से 593 घटाएँ
इस सरल गणना से आप कभी भी फसली वर्ष निकाल सकते हैं।


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